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7 गोली लगी, बिगड़ गया चेहरा, 34 घंटे में हुआ ट्रांसफर, कौन है वकीलों के सामने उठक-बैठक करता अधिकारी?

उत्तर प्रदेश के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनका एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह कान पकड़कर प्रदर्शन कर रहे वकीलों के सामने उठक-बैठक करते नजर आए। वीडियो सामने आने के महज 34 घंटे के भीतर उनका ट्रांसफर कर दिया गया। रिंकू सिंह राही वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2008 में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया था, जिसके बाद उन पर फायरिंग हुई थी।

उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी की चर्चा खूब हो रही है। चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कान पकड़कर उठक-बैठक करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। हर कोई हैरान था कि आखिर यह अधिकारी कौन हैं, जो प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच उठक-बैठक कर रहे हैं। ये कोई और नहीं बल्कि IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही हैं। महज 34 घंटे के अंदर उनका ट्रांसफर कर दिया गया है।

कौन हैं रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही एक IAS अधिकारी हैं। उनकी पूरी कहानी हैरान कर देने वाली है। भ्रष्टाचार की पोल खोलने के बाद उन पर फायरिंग की गई थी। सात गोलियां उन्हें लगी थीं। उनका चेहरा बिगड़ गया, लेकिन किस्मत से वह बच निकले। बात है साल 2008 की, जब वह मुजफ्फरनगर में प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारी के रूप में तैनात थे।

इस दौरान उन्होंने सामाजिक कल्याण निधियों में अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था। कहा जाता है कि उन्होंने 100 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इसके बाद उन पर फायरिंग की गई थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि “जब मैंने रिश्वत लेने से इनकार कर दिया और खुदाई जारी रखी, तो मुझे चेतावनी दी गई।” इसके बाद, 26 मार्च 2009 को बैडमिंटन खेलते समय उन पर फायरिंग की गई।

सात गोली लगी, बिगड़ गया चेहरा

इस हमले में उन पर सात गोलियां चलाई गईं थीं, उनकी एक आंख चली गई, गोली का एक टुकड़ा उनकी खोपड़ी में धंस गया। उनका पूरा चेहरा बिगड़ गया। वह मौत के मुंह से बाहर निकले। इसके बावजूद, उन्हें प्रमोशन नहीं मिला, तो वर्ष 2012 में उन्होंने लखनऊ में धरना दिया था। इसके बाद वे 2012 से 2021 तक PCS अधिकारी के तौर पर कार्यरत रहे।फिर वर्ष 2022 में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बन गए। हाल ही में उन्हें शाहजहांपुर के पुवायां में SDM के पद पर तैनाती मिली। यहां रहते हुए उन्होंने कई ऐसे कदम उठाए, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया। उन्होंने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया, जिसमें शिकायतों को सुनने और उनके समाधान को लेकर लगातार अपडेट दिए जाने थे।

नए विवाद का क्या है मामला?

नियुक्ति मिलने के बाद जब वह परिसर में घूम रहे थे, तब उन्होंने एक मुंशी को खुले में पेशाब करते हुए देखा। उन्होंने उससे उठक-बैठक लगवाई। यह बात फैल गई और लोगों में रोष उत्पन्न हो गया। बड़ी संख्या में वकील एकत्र होकर धरना देने लगे। नाराज लोगों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब वे नहीं माने तो SDM स्वयं उनके सामने कान पकड़कर उठक-बैठक करने लगे। बताया जाता है कि वीडियो वायरल होने के बाद उन पर कार्रवाई की गई और उनका ट्रांसफर कर दिया गया।

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