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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को दिया ये कड़ा संदेश, कहा…

पूर्वी लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर चीनी सेना से लंबे अर्से से चल रही तनातनी के बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिह ने दो टूक कहा है कि सीमा की चुनौतियों को नाकाम कर अपने भू-भाग की रक्षा करने की भारत की पूरी क्षमता है। रक्षामंत्री ने चीन को परोक्ष संदेश देते हुए कहा कि भारत कभी भी युद्ध को बढ़ावा नहीं देता और पड़ोसियों से हमेशा सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है। पर अगर हम पर युद्ध थोपा जाता है तो हम लड़ेंगे। हम हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।

सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार भारतीय सेना: राजनाथ सिंह

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर कायम तनाव के बीच रक्षामंत्री ने सेना के उपयोग के लिए अरुणाचल में रणनीतिक रूप से अहम सियोम ब्रिज समेत 28 बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।सियोम पुल अरुणाचल प्रदेश में सियोम नदी पर एक अत्याधुनिक 100 मीटर लंबा, स्टील सुपरस्ट्रक्चर ब्रिज है जो सेना के सीमा पर आवगमन को तेज और सुगम बनाएगा। इस नवनिर्मित पुल पर ही इसे राष्ट्र को समर्पित करते हुए रक्षामंत्री ने एलएसी पर जारी मौजूदा टकराव का दृंढ़ता से सामने करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि भारतीय सेना के पास सीमा पर किसी भी चुनौती का सामना करने की न केवल क्षमता है बल्कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। राजनाथ ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि राष्ट्र सभी खतरों से सुरक्षित रहे और हमारी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं। इसमें खुशी की बात है कि बीआरओ उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है।

नौ दिसंबर को तावांग सेक्टर में एलएसी पर भिड़े थे भारतीय और चीनी सेना

सियोम ब्रिज के साथ सेनाओं के रणनीतिक उपयोग से जुड़ी परियोजनाओं का अरुणाचल में जाकर ही उदघाटन कर रक्षामंत्री ने चीन को एक बार फिर यह संदेश दिया कि सीमा पर एकतरफा बदलाव की चीनी पीएलए की हरकतों को भारत कतई स्वीकार नहीं करेगा। बीते नौ दिसंबर को भारतीय सेना ने तवांग सेक्टर में एलएसी पर चीनी सेना की अतिक्रमण की कोशिश को न केवल नाकाम किया था बल्कि आमने-सामने की भिड़ंत में दोनों देशों के कुछ सैनिक घायल भी हुए थे। इस घटना के परिप्रेक्ष्य में रक्षामंत्री के अरुणाचल दौरे की रणनीतिक संदेश देने के लिहाज से अहमियत है। राजनाथ सिंह ने बुनियादी ढांचे के विकास से देश की सुरक्षा को मजबूत करने में बीआरओ की भूमिका को रेखांकित करने के दौरान तवांग सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष की घटना का परोक्ष रुप से जिक्र भी किया। उन्होंने कहा हाल ही में हमारे सैन्य बलों ने उत्तरी सेक्टर में दुश्मन का प्रभावी ढंग से सामना किया और वीरता तथा तत्परता के साथ स्थिति पर काबू पाया।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही सरकार: राजनाथ सिंह

यह क्षेत्र में पर्याप्त बुनियादी ढांचे के विकास के कारण ही संभव हो सका और यह हमें दूर-दराज के क्षेत्रों की प्रगति के लिए कहीं ज्यादा प्रेरित करता है। रक्षामंत्री के अनुसार सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। सीमा को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सियोम ब्रिज के अलावा राजनाथ ने जिन 27 अन्य परियोजनाओं का वर्चुअल उ²घाटन किया उसमें आठ लद्दाख, चार जम्मू-कश्मीर, पांच अरुणाचल, तीन-तीन सिक्किम, पंजाब और उत्तराखंड तथा दो राजस्थान में निर्मित हैं।

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