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बस्तियों पर हाउस टैक्स लगने से दून नगर निगम का सालाना राजस्व करीब चार करोड़ रुपये बढ़ेगा

राजधानी की बस्तियों पर हाउस टैक्स लगने से दून नगर निगम का सालाना राजस्व करीब चार करोड़ रुपये बढ़ेगा। कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली ने बताया कि हाउस टैक्स घर के आकार पर निर्भर करता है। यह न्यूनतम 300 रुपये और अधिकतम पांच हजार रुपये तक भी हो सकता है। बस्तीवाले मांग रहे हैं मालिकाना हक दून नगर निगम क्षेत्र की बस्तियों से 2017 में भी एक साल तक हाउस टैक्स लिया गया था, पर वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने इन बस्तियों को अतिक्रमण मानकर हटाने के आदेश दे दिए। इससे करीब 40 हजार घरों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई थी। तत्कालीन त्रिवेंद्र रावत सरकार इन बस्तियों को बचाने के लिए तीन साल का अध्यादेश ले आई। लेकिन, 2021 में दोबारा इन बस्तियों पर संकट पैदा हुआ, लेकिन धामी सरकार ने तीन साल का अध्यादेश लाकर राहत दी। बस्तीवाले मालिकाना हक मांग रहे हैं। गुरुवार को नगर निगम में शिवाजीनगर के पार्षद विशाल कुमार ने बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया। उनका साफ कहना था कि इससे जहां इन बस्तियों के नियमितीकरण की राह खुलेगी, वहीं राजस्व भी मिलेगा। दून नगर निगम की बोर्ड बैठक में फैसला, मैनुअल जमा होगा टैक्स ● 2017 के दौरान भी बस्तियों से एक साल तक लिया गया टैक्स मुहर फ्यूल स्टेशन केलिए दी जाएगी जमीन देहरादून नगर निगम क्षेत्र के तहत मौजा अधोईवाला, सहस्त्रत्त्धारा रोड स्थित नगर निगम की जमीन पर फ्यूल स्टेशन लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह स्टेशन 967.63 वर्ग मीटर भूमि पर लगेगा। यह स्टेशन स्थापित करने वाली कंपनी नगर निगम को मासिक किराया देगी, इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी। बिजली बिल के साथ जुड़ कर आएगा सफाई शुल्क नगर निगम बोर्ड ने भले ही दाखिल खारिज का शुल्क बढ़ाकर आम जनता को बड़ा झटका दिया, लेकिन घर-घर से कूड़ा उठान शुल्क में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर राहत भी दी है। जो सफाई शुल्क अभी लिया जा रहा है, उसे बिजली के बिल के साथ जोड़ने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई, इसके लिए अब अलग से यह प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। ताकि, कूड़ा उठान शुल्क लिया जा सके। इस बैठक में कूड़ा उठान शुल्क 50 से 70 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन पार्षदों ने इसका विरोध किया। ज्यादातर पार्षदों का कहना कि कई वार्डों से सप्ताह भर में कूड़ा उठ रहा है। कूड़े की गाड़ियां समय पर नहीं आती है। ऐसे में शुल्क बढ़ाना उचित नहीं है। जो गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करके दे रहे हैं, उनको चिह्नित कर प्रोत्साहित करने की मांग की है। जो लोग कूड़ा उठान का शुल्क नहीं दे रहे हैं, उनकी सूची पार्षदों को उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो करोड़ स्वीकृत स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2023-24 में उच्च रैंकिंग पाने के लिए नगर निगम क्षेत्र में सूचना, शिक्षा, प्रचार-प्रसार, व्यवहार परिवर्तन, स्वैच्छिक एवं गैर सरकारी संस्थाओं की सेवाएं लेने को दो करोड़ की स्वीकृति का प्रस्ताव पास हुआ।

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