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प्रेमी-प्रेमिका को उम्रकैद: पुष्पा ने किया रिश्तों का खून… इंजीनियर संग मिलकर मां को मारा; पढ़ें पूरी कहानी

शाहजहांपुर में रामबेटी की हत्या के मामले में दोषी उनकी बेटी पुष्पा और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर राकेश कुमार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुष्पा ने रिश्तों का कत्ल किया है।

शाहजहांपुर के डीएम कंपाउंड के सर्वेंट क्वार्टर में दो वर्ष पूर्व रामबेटी की हत्या में उनकी बेटी पुष्पा और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता राकेश कुमार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। बेटी से एई के नजदीकी संबंधों पर आपत्ति करने पर दोनों ने मिलकर सिर पर लोहे के पाइप से प्रहार कर महिला की हत्या कर दी थी। कोर्ट ने सजा सुनाते हुए टिप्पणी की कि पुष्पा ने रिश्तों का खून किया है।

सिंधौली के ढकिया हमीरनगर निवासी रामबेटी बेटी पुष्पा के साथ सर्वेंट क्वार्टर में रहती थीं। जांच में सामने आया कि हापुड़ के गांव सिकंदरपुर काकोड़ी निवासी और डीएम कंपाउंड में ही रहने वाले पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड (प्रथम) में तैनात एई राकेश कुमार के घर में रामबेटी की बेटी पुष्पा खाना बनाती थी। पुलिस ने दोनों की कॉल डिटेल निकलवाई तो सामने आया कि पुष्पा और राकेश के बीच फोन पर लंबी बातचीत होती थी।

सीसी फुटेज में घटना की रात राकेश रामबेटी के घर जाते और वापस आते दिखाई दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर राकेश कुमार और पुष्पा को दोषी माना। शुक्रवार को दोनों दोषियों को सजा सुनाई गई। 

पड़ोसी को फंसाने की रची थी साजिश 
प्रेमी संग मिलकर मां रामबेटी की हत्या करने वाली पुष्पा ने खुद को बचाने के लिए पड़ोसियों को फंसाने की साजिश रची थी। मगर पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हत्या के राज का पर्दाफाश किया था। पीडब्ल्यूडी में सहायक अभियंता राकेश कुमार की 2022 में शाहजहांपुर में तैनाती हुई थी।

तब से वह डीएम कंपाउंड में ही रह रहा था। विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया था कि रात में घटना को अंजाम देने के बाद सुबह राकेश ने महिला के घर पहुंचकर नाटक किया था। रामबेटी का शरीर गर्म होने की बात कहकर अपनी कार से डॉक्टर के पास लेकर गया था।

पुलिस ने जब राकेश से पूछताछ की तो वह बरगलाने की कोशिश करता रहा था। रामबेटी की बेटी पुष्पा ने कहा था कि उसकी मां का एक पड़ोसी महिला व पुरुष से विवाद हुआ था। पुलिस ने पड़ताल की तो विवाद की बाद गलत पाई गई। राकेश और पुष्पा के बयानों में बार-बार बदलाव से पुलिस को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई।

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज 
सीसीटीवी फुटेज में घटना की रात राकेश 10:39 मिनट पर पुष्पा के घर जाते दिखाई दिया। इसके बाद 11:39 बजे वह वापस आते दिखाई दिया। इसके बाद रात तीन बजे तक कोई आवागमन दिखाई नहीं दिया। राकेश के अपने पद की गरिमा के विपरीत कामवाली के घर पर जाकर रात में खाना खाने से भी पुलिस का शक पुष्ट हुआ। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन की चैट सामने रखकर पूछताछ की तो सारी सच्चाई कबूल कर ली थी।

बताते हैं कि पहले रामबेटी व उनकी दो बेटियां एक ही कमरे में रहती थीं। बाद में राकेश ने पुष्पा को दूसरा कमरा दिला दिया था ताकि मिलने-जुलने में रोकटोक न रहे। वारदात के दिन राकेश पुष्पा से मिलने पहुंचा था। वहां रामबेटी भी आ गई थी। बाद में रामबेटी और पुष्पा के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पुष्पा के बुलाने पर राकेश वहां पहुंचा और हत्या को अंजाम दिया।

पुष्पा ने किया रिश्तों का खून… 
मां रामबेटी की हत्या में शामिल पुष्पा पर अदालत ने टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि तथ्यों, परिस्थितियों और साक्ष्यों से स्पष्ट है कि अभियुक्तों ने रामबेटी के सिर पर लोहे की रॉड से चोट पहुंचाकर व उसकी आंखों, मुंह व शरीर के अन्य हिस्सों पर एसिड डालकर हत्या की है। पुष्पा ने रिश्तों का खून किया है।

पत्नी ने दर्ज कराई थी शिकायत 
राकेश की पत्नी पिंकी को उसके चालचलन पर शक था। दूसरी महिला से नजदीकी के कारण पिंकी ने सदर बाजार थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। पत्नी का कहना था कि दूसरी महिला के चक्कर में राकेश ने उससे दूरी बना ली है और वह उसे छोड़ने वाला है। हालांकि कोर्ट में राकेश ने रिश्ते ठीक बताते हुए पत्नी के किसी बहकावे में आकर प्रार्थना पत्र देने का तर्क दिया था। उसका कहना था कि उसकी पत्नी और मां व भाई में कभी-कभी खटपट हो जाती थी।

जेई से टकराव को लेकर चर्चा में रहा सहायक अभियंता राकेश कुमार
हत्या के दोष में उम्रकैद की सजा से दंडित सहायक अभियंता राकेश कुमार आठ माह तक पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड से संबद्ध रहा। इस दौरान उसका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। अवर अभियंता से टकराव होने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने उसके खिलाफ शाहजहांपुर में दर्ज हत्या के मुकदमे का जिक्र करते हुए उसे आरोपों के घेरे में लिया था। उसकी मूल तैनाती शाहजहांपुर के निर्माण खंड एक में है।

मुख्य अभियंता अजय कुमार ने 28 सितंबर 2024 को विभागाध्यक्ष को बताए बिना उसे बरेली स्थित प्रांतीय खंड से संबद्ध कर दिया था। जब जेई से टकराव हुआ तो डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मुद्दा उठाया और आनन-फानन में 28 जुलाई 2025 को संबद्धीकरण निरस्त कर दिया गया। प्रांतीय खंड में उसे अवैध तरीके से आवास भी आवंटित हुआ था। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांतीय नेतृत्व ने इस मामले में प्रमुख अभियंता से शिकायत की थी। इसके बाद ही कार्रवाई हो पाई थी। आसपास के लोगों को कहना है कि इस दौरान भी पुष्पा यहां आती जाती रही।

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