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कोविड के शिकार हुए मरीजों की खांसने-छींकने या मामूली सी चोट लगने से ही टूट जा रही हडिड़यां

कोविद  के शिकार हुए मरीजों की हड्डियों में वायरस घुस गया है। स्थिति ये है कि खांसने-छींकने या मामूली सी चोट लगने भर से ही हडिड़यां टूट जा रही है। अस्पतालों के हड्डी रोग विभाग में पहुंच रहे कई मरीजों में ऐसी ही स्थिति दिखाई दे रही है। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना के इलाज के दौरान लिए गए स्टेयराइड का असर हड्डियों पर जमकर हुआ है।
खांसने-छींकने भर से टूट जा रहीं हड्डियां, बढ़ी भंगुरता  वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ, डा. परवेज अहमद ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड में स्टेयराइड के अधिक प्रयोग से हड्डियों की कमजोरी बढ़ी है। सुबह की धूप और कैल्शियम युक्त आहार का सेवन अवश्य करें। कम उम्र में ही घट रही ताकत चिकित्सक बताते हैं कि पहले 50 वर्ष की उम्र पार करने के बाद लोगों में हड्डियों से जुडी समस्याएं शुरू होती थी। अब 30 साल की उम्र में ही काफी मरीज हड्डियों में कमजोरी, चलने-फिरने में दिक्कत, पीठदर्द, कमजोरी और थकान की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा लोगों में तेजी से बढ़ गया है। खासतौर से कमर की हड्डी, कूल्हे की हड्डी अधिक प्रभावित हो रही हैं। ऐसे होता है आस्टियोपोरोसिस हड्डियों में भीतर मधुमक्खी के छत्ते की तरह जाले होते हैं। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी होने पर छत्तों के छिद्र बढ़ने लगते हैं और हड्डियों का खोखलापन बढ़ता जाता है। शुरुआत में इसका पता नहीं चल पाता है लेकिन हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती कि खांसने-छींकने या मामूली चोट से ही हड्डियां टूट जाती हैं। ऐसे करें बचाव – संतुलित आहार और नियमित व्यायाम – विटामिन-डी का सेवन – दूध-दही-पनीर को भोजन में शामिल करें। – ताजे फल और सब्जियां, पालक, शकरकंद, मूली और केले का सेवन करें – शराब, धूम्रपान, तंबाकू का सेवन न करें  

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