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केरल सरकार ने राज्य सरकार को दिया ये निर्देश, जानें क्या..

पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया या पीएफआई (अब प्रतिबंधित) के आह्वान पर हुई हड़ताल के दौरान हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़ी वसूली कार्यवाही पूरी करने में प्रदेश सरकार की ओर से देरी पर केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को नाखुशी व्यक्त की। हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार को तत्काल वसूली पूरी करने और 23 जनवरी तक जिलावार रिपोर्ट भी दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि वसूली कार्यवाही करने से पहले नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं है।

86 लाख रुपये का हुआ था नुकसान

प्रदेश सरकार की ओर से देरी पर हाई कोर्ट ने नाखुशी इसलिए जाहिर की है क्योंकि उसने पिछले महीने आश्वासन दिया था कि वह 15 जनवरी तक यह कार्यवाही पूरी कर लेगी। हाई कोर्ट ने तब भी कार्यवाही में देरी पर नाखुशी व्यक्त की थी। केरल सरकार ने सात नवंबर, 2022 को अदालत को बताया था कि पिछले वर्ष सितंबर में राज्यव्यापी हड़ताल में हुई हिंसा के दौरान संपत्ति को हुई क्षति से 86 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। सरकार का यह भी कहना था कि हिंसा के दौरान निजी संपत्तियों का भी 16 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।

पुलिस ने 2,674 लोगों को किया गिरफ्तार

सरकार के मुताबिक, राज्य पुलिस ने कुल 361 मामले पंजीकृत किए हैं और 2,674 लोगों को गिरफ्तार किया है। हाई कोर्ट ने इससे पहले हड़ताल से जुड़ी हिंसा के संबंध में प्रतिबंधित पीएफआई और उसके पूर्व प्रदेश महासचिव अब्दुल सथार को राज्य परिवहन निगम व राज्य सरकार को हुए नुकसान के लिए 5.2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। पीएफआई के कार्यालयों पर देशव्यापी छापों व उसके नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सथार ने हड़ताल का आह्वान किया था।

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