बिहारराज्य

ललन सिंह की जदयू अध्यक्ष पद से हो गई विदाई

जनता दल यूनाईटेड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अपना इस्तीफा सीएम नीतीश कुमार को सौंप दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया। अब सीएम नीतीश कुमार जदयू की कमान संभालेंगे। यह तीसरा मौका होगा जब सीएम नीतीश कुमार पार्टी की कमान अपने हाथों में लेंगे। बता दें कि बैठक से पहले जोर-शोर थी कि ललन सिंह पार्टी अध्यक्ष पद से मुक्त हो जाएंगे। ललन सिंह ने भी इसका जवाब नहीं दिया और नीतीश ने भी। ललन सिंह ने जदयू टूट को अफवाह बताया था तो नीतीश इस बैठक को ‘नॉर्मल’ बताकर आगे बढ़ गए। लेकिन, राजनीतिक तापमान इसे नॉर्मल मानने को तैयार नहीं है। दोनों इनकार करते रहे, लेकिन भाजपा इस आग में लगातार घी डाल रही है। आइए जानते हैं गणितीय समीकरण के साथ हर सवाल का जवाब…

माना कि, ललन-नीतीश का दावा सही है तो…
ललन सिंह ने कहा कि पार्टी एक रहेगी। नीतीश बोले कि सब सामान्य है। अगर यह दावा सही निकला तो क्या होगा? जवाब- भाजपा औंधे मुंह गिरेगी। जब यह सबकुछ अटकल ही नहीं, पूरी तरह अफवाह साबित होगा तो इस आग में घी डालना बेकार जाएगा। यह बात कोरी अफवाह रही तो 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए इंडी एलायंस में सीटों का बंटवारा होगा, जिसमें सीएम नीतीश कुमार की ही चलेगी। भाजपा के लिए नीतीश कुमार की पार्टी जदयू, लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के गठजोड़ के मुकाबिल होना आसान नहीं होगा। इस गठबंधन के सामने जब 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा अकेली पड़ी थी तो हश्र सामने आ गया था। इस बार जातीय जनगणना, शिक्षक भर्ती जैसे मास्टर स्ट्रोक के सामने भाजपा अकेली खड़ी होगी। लोकसभा चुनाव में बिहार भाजपा के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैजिक का ही सहारा होगा।

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