September 25, 2017 1:21 PM
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1500 पुलिसवालों की मौजूदगी में महिलाओं से बदसलूकी

हिन्द न्यूज डेस्क: सरकार लाख कानून बना ले या हजारों पुलिसवाले खड़े कर दे लेकिन महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल हमेशा से खड़ा होता आ रहा हैं। हालि में बेंगलुरू में 31 दिसंबर की रात को भी कुछ एसा ही वाक्या सामने आया. इस मामले ने नया मोड़ तब लिया जब समाजवादी पार्टी के नेता अबु आजमी ने एक विवादास्पद बयान देते हुए महिलाओं को ही दोषी ठहराया.

दरअसल, 31 दिसंबर की रात नए साल की पार्टी करना महिलाओं को भारी पड़ा क्योंकि ऐसी महिलाएं भले ही अकेली थीं या परिवार के साथ, ज्यादातर को छेड़खानी और भद्दी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. सबसे बड़ी बात यह है की, 31 दिसंबर को 1500 पुलिसवालों की मौजूदगी में महिलाओं से बदसलूकी हुई. इस मामले ने एक नया मोड़ तब ले लिया जब एसपी नेता अबु आजमी ने इसके लिए महिलाओं के पहनावे को दोषी ठहरा दिया.

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गौरतलब है की अबु आजमी से पहले कर्नाटक के गृहमंत्री भी इस तरह की घटनाओं के लिए महिलाओं को ही दोषी ठहरा चुके हैं. इतना ही नहीं राज्य के गृहमंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए युवाओं के रहन-सहन के पश्चिमी तौर-तरीकों को जिम्मेदार ठहराया। अबु आजमी ने विवादस्पद बयान देते हुए कहा कि जो औरत नग्न घूमती है उसे ज्यादा मॉडर्न और फैशनेबल कहा जाता है.वही पुलिस ने कहा, कि वह शनिवार की रात ब्रिगेड रोड और एमजी रोड के जंक्शन पर हुई कथित घटनाओं में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी है. नए साल की पार्टी के लिए यहां हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 31 दिसंबर की रात भीड़ नियंत्रित करने के लिए 1,500 पुलिसकर्मी तैनात थे, इसके बावजूद असामाजिक तत्वों ने महिलाओं के साथ छेड़खानी की और उनपर भद्दी और अश्लील टिप्पणियां कीं.

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्‍य के गृहमंत्री जी परमेश्‍वरा ने एजेंसी से कहा, ‘नए साल के पहले दिन ऐसे वाकये होते रहते हैं। हम सावधानी बरत रहे हैं।’ राष्ट्रीय महिला आयोग और कनार्टक राज्य महिला आयोग ने भी घटनाओं को लेकर पुलिस और प्रशासन से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है.

संवाददाताओं से बातचीत में गृहमंत्री पी. परमेश्वर ने कहा कि यह सही नहीं है। हम इसकी जांच करेंगे और ध्यान रखेंगे ऐसा दोबारा ना हो। उन्होंने कहा कि यह देखने की जरूरत है कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किस प्रकार हो और उन्हें कैसे नियमित किया जाए। हम 10,000 पुलिसकर्मी तैनात नहीं कर सकते।

मध्य प्रदेश के डीआईजी भी पीछे नहीं

दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में साल 2016 में बढ़ी रेप की घटनाओं को लेकर भी मध्य प्रदेश पुलिस के डीआईजी रमन सिकरवार का बेहद शर्मनाक बयान आया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2016 में 276 महिलाओं के साथ ज्यादती की घटनाएं दर्ज हुई हैं। जो कि पिछले साल के मुकाबले 50 ज्यादा है लेकिन डीआईजी साहब इसके पीछे लिव-इन पार्टनर और प्रेम प्रसंग को कारण बता रहे हैं।

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