January 24, 2017 12:30 AM
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साइकिल रेस कोई भी जीते, नुकसान हर हाल में समाजवादी पार्टी का

हिंद न्यूज डेस्क। समाजवादी पार्टी के कुनबे में मची पारिवारिक रार का अंत होता नहीं दिख रहा है. इस रार में कभी तो लगता है कि अमर सिंह इसके जिम्मेदार हैं तो कभी लगता है रामगोपाल यादव इसकी वजह हैं, तो कभी लगता है शिवपाल झुक जाएं तो बात बन जाए.इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम में इतनी तेजी से परिर्वतन होता है कि लगता है अब बात बन जाएगी तो उसके अगले ही घंटे में लगता है कि बात बन ही नहीं सकती. ऐसे में नेता जी मुलायम सिंह का बयान आता है कि कहीं कोई मतभेद हैं ही नहीं.

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इसके बाद भी साइकिल चिन्ह को लेकर दोनों ही पक्ष इलेक्शन कमीशन के ऑफिस में अपनी दावेदारी मजबूती से ठोकते नजर आ रहे हैं. फिलहाल के हालातों को देख कर तो लगता है कि साइकिल की रेस कोई भी जीते, लेकिन इन परिस्थितियों में समाजवादी पार्टी का नुकसान होना तय है.

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नेता, कार्यकर्ता और वोटर तीनों ही भ्रमित

पार्टी में मची उठा पठक के बीच पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और वोटर तीनों में ही भ्रम की स्थिति बनी हुई है. साइकिल की रेस चाहे कोई भी जीत ले, लेकिन इससे पार्टी का बहुत बड़ा नुकसान होने जा रहा है. मान लेते हैं कि नेताजी मुलायम सिंह चुनाव आयोग तो इतने दस्तावेज सबुत दे दें, कि साइकिल का सिंबल उन्हें मिल जाए.

एसी सूरत में अखिलेश किसी और सिंबल से चुनाव मैदान में उतरेंगे. उनके ऐसा करने से उनके साथा खड़े पार्टी के नब्बे प्रतिशत से भी ज्यादा नेता और फिलहाल के हालातों को देख कर भी यही लगता है कि आम जनता का भी ज्यादा साथ अखिलेश के साथ है के हालातों में अखिलेश निश्चित रूप से अपनी नई पार्टी के साथ भी ज्यादा सीटें लाने में सफल होते दिख रहे हैं.

ऐसा होने पर होने वाला नुकसान समाजवाद पार्टी की होगा. अगर मान लें कि सिंबल अखिलेश यादव को मिल जाता है तो ऐसी सूरत में पार्टी के अंदर मची कलह की वजह से चुनाव के पहले ही समाजवाजी पार्टी को काफी नुकसान हो चुका है वोट के रूप में. तो इस तरह से भी नुकसान पार्टी का ही होता दिख रहा है.

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