February 27, 2017 11:26 AM
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सरकार ने जुमे की नवाज करने को दिए 90 मिनट

जुमे की नमाज के लिए 90 मिनट का ब्रेक ले सकेंगे मुस्लिम,  मुस्लिम कर्मचारियों को यह एक बड़ी सौगात दी गई है। शनिवार को हुए अहम बैठक में हरीश रावत की मौजूदगी में कैबिनेट ने ये फैसला किया। रावत कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है। रावत सरकार के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी सवाल उठा रही है।

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सरकार ने फैसले को तुरंत लागू करने की बात कही। सरकार के इस फैसले के बाद मुस्लिम कर्मचारी हर शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए 90 मिनट का ब्रेक ले सकेंगे। इसके अलावा कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए उन्हें नए साल से 7वें वेतन आयोग का लाभ देने का फैसला किया है।

बीजेपी ने इस पर एतराज जताते हुए इसे रावत सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति करार दिया है।  बीजेपी प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि धर्म के आधार पर निर्णय लिया जाए। ये बहुत गलत है। हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। इस प्रकार की चीजें धर्मं आधरित देशों में हो सकती है। ये वोट की राजनीति के लिए लिया गया फैसला है। वहीं, अनिल बलूनी ने कहा कि हरीश जी ने जो किया है वो जो कांग्रेस की निकृष्ट परम्परा रही है, वही कर रहे हैं। कहीं न कहीं चुनाव को प्रभावित करने की मंशा है।

हालांकि कांग्रेस रावत सरकार के साथ खड़ी है। कांग्रेस नेता किशोर उपाध्याय ने कहा कि ये अच्छा फैसला है, इसका स्वागत किया जाना चाहिए। जिनको लगता है चुनावी स्टंट है वो विरोध दर्ज करवाएं। हमें हर धर्म का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस अगर अच्छा करे तो उन्हें तकलीफ होती है, उनको आत्मचिंतन की जरूरत है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि जुम्मे के दिन ज्यादातर मुस्लिम नमाज़ पढ़ते हैं, अगर समय दे दिया जाए तो ठीक है। शायद कुछ अड़चनें आ रही हों, इसलिए किया हो।  सहूलियत दे रहे हैं तो ठीक है।

वहीं मुस्लिम पॉलिटिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष तसलीम अहमद रहमानी ने फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा, मैं फैसले की भरपूर निंदा करता हूं, मैं इसका विरोध करता हूं। ये सिर्फ सियासत करने के लिए और मुस्लिम वोट पाने के लिए लिया गया फैसला है। मैं चाहूंगा कि चुनाव आयोग इस फैसले पर रोक लगाए।

 

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