August 21, 2017 8:20 AM
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राजनीतिक दलों को आयकर छूट का मामला, सुप्रीम कोर्ट का इंकार

हिन्द न्यूज डेस्क। सुप्रीम कोर्ट में राजनीतिक पार्टीयों को मिलने वाले चंदे को लेकर याचिका लगाई गई थी जिसे आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी. सुप्रीमकोर्ट ने राजनैतिक दलों को आयकर से छूट देने के मामले में जल्द सुनवाई से इन्कार कर दिया. कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कानून 50 साल पुराना है इसलिए मामले पर तत्काल सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है.

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कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तिथि तय कर दी. याचिका में राजनैतिक दलों को चंदे में प्राप्त रकम को आयकर से छूट देने के कानून को चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सियायी पार्टियों को दिए जाने वाले दान पर आयकर छूट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने कहा कि यह किसी भी संविधान का उल्लंघन नहीं करता है.

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जनहित याचिका में धारा 13(ए) को निरस्त करने और राजनीतिक दलों को मिलने वाले गुप्तदान की सीबीआई जांच की मांग की गई थी. चुनाव आयोग ने भी चुनाव में काले धन के प्रवाह पर रोक के प्रयास के तहत सरकार से कानूनों में संशोधन का आग्रह किया था ताकि राजनीतिक दलों को दो हजार रुपये और उसके ऊपर दिए जाने वाले गुप्त योगदानों पर रोक लगाई जा सके. अभी तक ये छूट 20000 रुपये है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कहा चुके है कि वह खुद भी सहमत हैं कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता होनी चाहिए. अगर सभी दलों की सहमति बने तो बीजेपी अगुवाई करने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री ने चुनाव सुधार की दिशा में बढ़ने वाले हर कदम के समर्थन की बात कही.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण व न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव ने याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा की मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग ठुकरा दी. पीठ ने कहा कि याचिका में आयकर कानून के प्रावधानों को चुनौती दी गई है. ये कानून 1961 का है. कानून पचास साल से ज्यादा समय से लागू है ऐसे में इस पर तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं है. इस पर छुट्टियों के बाद नियमित पीठ सुनवाई करेगी. लेकिन शर्मा ने कहा कि मामले में तत्काल सुनवाई की जरूरत है

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