February 27, 2017 11:31 AM
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यूपी सीएम की पहली पसंद राजनाथ सिंह

हिन्द न्यूज़ डेस्क| अक्‍टूबर और नवम्‍बर में भी यूपी सीएम के लिए भाजपा के अंदर राजनाथ सिंह का नाम जोर-शोर से सामने आया था. लेकिन सूत्रों की मानें तो राजनाथ सिंह के इनकार के सामने भाजपा को झुकना पड़ा था. अब एक बार फिर से राजनाथ सिंह के नाम की चर्चा हुई है. लेकिन ये चर्चा बेमानी नहीं है. राजनाथ सीएम बनते हैं या नहीं ये तो वक्‍त पर पता चलेगा, लेकिन सियासी जानकार इस चर्चा के कई मायने निकाल रहे हैं. इसके पीछे एक बड़ा कारण राजनाथ की अपनी बेदाग छवि भी है.

एएमयू राजनीतिक विज्ञान के प्रो अब्‍दुल रहीम बताते हैं कि पहली बात तो ये है कि राजनाथ एक ऐसी छवि के नेता हैं कि जिन्‍हें किसी भी दल को नेता पसंद करता है और एक-दूसरे के साथ अच्‍छा व्‍यवहार करता है. ये ही वजह है कि क्षत्रिय नेत बसपा को हो या सपा और कांग्रेस का राजनाथ की बात को कोई नहीं टालता है. सूत्रों की मानें तो नवम्‍बर में सभी दलों के क्षत्रिय नेताओं ने मिलकर राजनाथ सिंह को मनाने की कोशिश की थी कि वो सीएम पद के लिए हामी भर दें. वो सब लोग चुनावों के दौरान उनके साथ आ जाएंगे.

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द स्‍टडी ऑफ सोसाइटी एंड पॉलीटिक्‍स के निदेशक एके वर्मा का कहना है कि आज के मौजूदा हाल में कोई भी पार्टी पूर्वांचल को नजर अंदाज नहीं कर सकता है. भाजपा ये सोचकर पूर्वांचल में अपनी पकड़ को मजबूत रखना चाहती है. वाराणसी का होने के चलते पूर्वांचल के मामले में इस वक्‍त राजनाथ सिंह के कद को कम नहीं आंका जा सकता है. इस बात को भी भाजपा बखूवी समझती है. 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा को पूर्वांचल की करीब 113 विधानसभा सीट पर बहुमत मिला था. मौजूदा विधानसभा चुनावों में भाजपा जहां इस आंकड़े को कैश कराना चाहेगी तो 2019 के लिए सहेजने की कोशिश करेगी.

क्‍यों नहीं चाहते राजनाथ यूपी का सीएम बनना

सूत्रों की मानें तो पहली बार तो राजनाथ यूपी का सीएम बनने से साफ इंकार कर चुके हैं. लेकिन इस बार अगर पार्टी ने पूरा जोर दिया तो उनके लिए इंकार करना शायद इतना आसान नहीं होगा. सूत्र बताते हैं कि आज पीएम मोदी के बाद केन्‍द्र की सत्‍ता में जो तीन-चार चेहरे सबसे ज्‍यादा दिखाई देते हैं, उसमें एक चेहरा राजनाथ का भी है. इस लिहाज से उनके कद को कमतर नहीं आंका जा सकता है. इस बात को वो बखूवी समझते हैं. और 2019 में किसी बड़े की उम्‍मीद में वो यूपी के अंदर अपने को समेटकर नहीं रखना चाहते हैं.

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ये भी है राजनाथ सिंह का परिचय

गृहमंत्री राजनाथ सिंह 13 वर्ष की उम्र से ही आरएसएस के साथ जुड़ गए थे. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्‍ण आडवाणी के बाद राजनाथ ऐसे शख्‍स हैं जो दो बार भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष रहे हैं. एक बार यूपी के पार्टी अध्‍यक्ष रहे हैं. दो-दो बार लोकसभा और राज्‍यसभा के सदस्‍य भी रहे हैं. वहीं वर्ष 2000 से 2002 तक यूपी के सीएम भी रहे. यूपी के शिक्षामंत्री बने और केन्‍द्र में भी मंत्री रहे चुके हैं.

भाजपा के प्रवक्‍ता श्रीकांत का कहना है कि अभी तक इस बारे में कोई विचार नहीं हुआ है. पार्टी विधानसभा चुनाव सीएम पद के लिए बिना किसी नाम और चेहरे के ही लड़ेगी. हम संगठन पर काम करते हैं किसी एक नाम या चेहरे पर नहीं.