March 30, 2017 4:24 AM
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भारतीय स्टार्टअप से उठने लगा है भरोसा, निवेश हुआ आधा

हिन्द न्यूज़ डेस्क- स्टार्टअप्स फंडिंग में लगातार मंदी का माहौल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है। टेक्नॉलजी फंडिंग में कमी आने की वजह से तेजी से बढ़ रहे स्टार्टअप्स का वैल्युएशन कम हो रहा है। जिसके चलते अब लोगो का भरोसा अब उठने लगा है पिछले साल बंद होनेवाले स्टार्टअप्स की तादाद बढ़कर 212 तक पहुंच गई।

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आंकड़े के मुताबिक, इस साल 1,031 फंडिग डील्स हुए जो पिछले साल 1,024 ही हुए थे वहीँ स्टार्टअप पर नजर रखनेवाली संस्था Tracxn के आंकड़े के मुताबिक, फंडिंग के अभाव से पूरा माहौल प्रभावित हुआ है और इस साल स्थापित स्टार्टअप्स कंपनियों की तादाद लगातार घटती जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि 2015 में 9,462 से ज्यादा स्टार्टअप्स की स्थापना हुई थी जिनमें गैर-तकनीकी क्षेत्र में काम करनेवाली कंपनियां भी शामिल हैं,

वहीं इस साल महज 3,029 स्टार्टअप्स ही शुरू हो पाए। आपको बताते चले की इस साल स्टार्टअप्स की फंडिंग करीब-करीब आधी कम हो गई है।

साल 2016 में भारत के स्टार्टअप जगत को 3.8 बिलियन डॉलर (करीब 25,777 करोड़ रुपये) का फंड मिला जबकि पिछले साल 2015 में यह रकम 7.6 बिलियन डॉलर (करीब 51,555 करोड़ रुपये) थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दो साल के अभूतपूर्व उत्साह के बाद जोखिम उठानेवाले निवेशकों ने सावधानी के साथ कदम वापस ले लिया।

आईएएन इस साल 36 राउंड की फंडिंग के साथ सबसे सक्रिय निवेशक के रूप में उभरा। भारत में सभी बड़े कैपिटल फंड वेंचर जो अकेले स्टार्टअप में 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा इन्वेस्ट करते हैं, वह इस साल कुछ चयनित कंपनियों में ही निवेश कर रहे हैं। न्यू यॉर्क की टाइगर ग्लोबल जिसने पिछले साल 30 से ज्यादा निवेश किए थे, वह लगभग भारत से जा चुकी है। इस कंपनी ने इस साल भारत में एक भी निवेश नहीं किया है ।

 

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