May 28, 2017 2:54 AM
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बीएसएफ के जवान को गुणवत्ताविहीन खाना देने की बात एक झूठी कहानी

हिन्द न्यूज़ डेस्क| देश के रक्षा महकमे के शीर्षस्थ पदों में से एक डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलेट्री ऑपरेशन्स (डीजीएमओ) की कमान संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट ने कहा है कि बीएसएफ के जवान को गुणवत्ताविहीन खाना देने की बात एक झूठी कहानी है. उन्होंने कहा कि वास्तव में यह अनुशासनहीनता का मामला है.

डीजीएमओ का पदभार ग्रहण करने के बाद अनिल भट्ट पहली बार उत्तराखंड में श्रीनगर गढ़वाल के निकट अपने गृह क्षेत्र में पहुंचे. इस मौके पर बीएसएफ के जवान तेज बहादुर का जवानों को गुणवत्ताविहीन खाने के वायरल हो चुके वीडियो के सवाल पर उन्होंने इसे झूठी कहानी बताया.

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उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवान की बात गलत है. संबंधित जवान की पृष्ठभूमि यदि देखें तो ये अनुशासनहीनता का मामला है.

डीजीएमओ ने कहा कि पाकिस्तान के मामले में हम पूरी तरह तैयार हैं. आतंकवाद और अन्य घटनाओं को देखते हुए सेना और जवान स्थिति पर नियंत्रण और उससे मुकाबले के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं.

अनिल कुमार भट्ट पलायन को रोकने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने को अहम बताते हैं. बेहतर शिक्षा के साथ पर्यटन व अन्य क्षेत्रों में नौकरियों का इंतजाम करना पड़ेगा, तभी पहाड़वासियों का पलायन रूकेगा और जब उन्हें मौके मिलेंगे तो वे खुशी से यहां रहेंगे.

मेहनत करते रहें, ऐसे पद मिलते रहेंगे

गढ़वाल के लोग अपनी ईमानदारी, मेहनत और कार्यक्षमता के लिए जाने जाते हैं. इसलिए ही सर्वोच्च पदों तक पहुंचते भी रहे हैं. पहाड़ के युवा पढ़ाई और मेहनत करते रहें तो ऐसे पद मिलते रहेंगे. उन्होंने डीजीएमओ पद पर पहुंचने की बात पर साफ कहा कि देवभूमि की पवित्र जमीन के कारण ही आज वे इस रैंक तक पहुंचे हैं.

अपने गृह क्षेत्र पहुंचने पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट का क्षेत्रीय जनता और विभिन्न संगठनों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. दिल्ली से अपने गांव खतवाड़ और घंडियालधार में 6 दिवसीय घंटाकर्ण देवता की अर्द्धकुंभीय जात एवं विकास मेले में प्रतिभाग करने जाते वक्त गंगा आरती समिति, पूर्व सैनिक और अन्य संगठनों ने श्रीनगर के निकट चौरास में उनका जोरदार स्वागत किया. डीजीएमओ बनने के बाद पहली बार क्षेत्र में पहुंचे भट्ट इसके बाद कीर्तिनगर ब्लॉक स्थित अपने गांव खतवाड़ पहुंचे.

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इष्ट देवता की पूजा-अर्चना

सड़क से पैदल पगडंडी पर चलकर अपने गांव पहुंचे भट्ट ने इस दौरान गढ़वाली भाषा में ही ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और अपने पैतृक घर को देखने के बाद गांव में ही अपने इष्ट देवता की पूजा-अर्चना भी की. उन्होंने ग्रामीणों को सहयोग का आश्वासन भी दिया.

अपने गांव के बाद लेफ्टिनेंट जनरल भट्ट घंडियालधार में आयोजित किए जा रहे 6 दिवसीय घंटाकर्ण देवता की अर्द्धकुंभीय जात और मेले में शामिल हुए और अपने कुल देवता घंटाकर्ण की पूजा अर्चना भी की. इस दौरान भट्ट की सादगी, सरलता और सौम्यता को देख क्षेत्रीय जनता खासी आकर्षित हुई.

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