May 24, 2017 9:49 AM
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बर्थडे : जानें द्रविड़ के क्रिकेट से जुड़े शानदार किस्से

हिन्द न्यूज डेस्क।  11 जनवरी 1973 को मध्‍यप्रदेश के इंदौर शहर में जन्‍मे राहुल शरद द्रविड़ को टीम इंडिया के ‘मिस्‍टर रिलायबल’ और ‘दीवार’ के नाम से भी नवाजा जाता है.  द्रविड़ की डिफेंस इतनी मजबूत थी कि उनके विकेट को हासिल करना दुनिया के तमाम मशहूर गेंदबाजों की चाहत हुआ करती थी.

प्रथम क्रम पर बल्‍लेबाजी करते हुए द्रविड़ ने टेस्‍ट और वनडे, दोनों में ऐसी पारियां खेलीं, जो उनके करियर के लिहाज से मील का पत्‍थर रहीं. इसमें पाकिस्‍तान के खिलाफ रावलपिंडी में खेली गई 270 रन की पारी (वर्ष 2004 )और ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ एडीलेड में खेली गई 233 रन की बेहतरीन पारी (वर्ष 2003) शामिल रही. इन दोनों टेस्‍ट मैचों में टीम इंडिया को जीत दिलाने में द्रविड़ के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता.

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क्रिकेट की दुनिया में दीवार कहलाये जानें वाले द्रविड़ का शानदार सफर कुछ यूं

दरअसल लंबी पारियां खेलना बचपन से ही राहुल द्रविड़ की आदत थी. वे अपने विकेट के लिए गेंदबाजों से इतनी मशक्‍कत कराते थे कि कई बार वह झुंझलाकर रह जाते थे. टेस्‍ट करियर में राहुल ने पांच दोहरे शतक जमाए और पाकिस्‍तान के खिलाफ 270 उनका टॉप स्‍कोर रहा.

कोलकाता टेस्‍ट में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में खेली गई राहुल द्रविड़ की शानदार 180 रनों की बेहतरीन पारी का जिक्र भी करना बहुत जरूरी है.

हालांकि वनडे के लिहाज से द्रविड़ की बैटिंग को आदर्श नहीं माना जाता था क्‍योंकि वे हवा में शॉट बेहद कम मौकों पर खेलते थे.लेकिन कई मौकों पर वे बेहद तेज गति से बैटिंग करके अपने आलोचकों को हैरान भी करते रहे.

नवंबर 1999 में उन्‍होंने न्‍यूजीलैंड के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के साथ ऐसी ही पारी खेली थी जिसे भूलना नामुकिन है. इस पारी में द्रविड़ ने 153 गेंदों पर 15 चौकों और दो छक्‍कों की मदद से 153 रन ही बनाए थे. खास बात यह है कि सचिन (186रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए उन्‍होंने 331 रन की साझेदारी की थी.

टेस्‍ट और वनडे, दोनों ही तरह के क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन बनाने वाले द्रविड़ को क्रिकेट का मिस्‍टर जेंटलमैन कहा जाता था. यही कारण रहा कि बल्‍लेबाजी को मजबूती देने के लिए टीम के हित में वर्ल्‍डकप-2003 में वे विकेटकीपर बल्‍लेबाज की हैसियत से खेले.

द्रविड़ के रिकॉर्ड उनकी महानता की कहानी खुद बयां करते हैं. 164 टेस्‍ट में उन्‍होंने 52.31 के औसत से  13288 रन बनाए जिसमें 36 शतक शामिल रहे.

इसी तरह 344 वनडे मैचों में द्रविड़ ने 39.16 के औसत से 10889 रन बनाए, जिसमें 12 शतकीय पारियां शामिल रहीं. यही नहीं, द्रविड़ को स्लिप का बेहतरीन क्षेत्ररक्षकों में भी शुमार किया जाता था. अपनी इसी कैचिंग की बदौलत उन्‍होंने टेस्‍ट में 210 कैच लपके.

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कुछ इस तरह की क्रिकेट की शुरुआत

  • 11 जनवरी 1973 को मध्‍यप्रदेश के इंदौर शहर में जन्‍मे राहुल शरद द्रविड़ ने जून 1996 में टेस्‍ट करियर का आगाज किया था.
  • यह वही मैच था जिसमें टीम इंडिया के एक अन्‍य धमाकेदार बल्‍लेबाज सौरव गांगुली ने भी अपने टेस्‍ट करियर की शुरुआत की थी.
  • करियर के शुरुआती दौर में द्रविड़ अपनी पारियों को शतक तक पहुंचाने में नाकाम हो रहे थे. लॉर्ड्स के अपने पहले टेस्‍ट में वे 95 और नॉटिंघम के दूसरे टेस्‍ट में 84 रन पर आउट हुए.
  • बहरहाल, जनवरी 1997 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में टेस्‍ट करियर का पहला शतक (148 रन) बनाने के बाद द्रविड़ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और शतक-दर-शतक जमाते गए.
  • वर्ष 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्‍यास लेने के बाद भी द्रविड़ कोच के तौर पर क्रिकेट से जुड़े हुए हैं. पिछले साल जूनियर वर्ल्‍डकप के फाइनल तक पहुंची भारतीय टीम के ऋषभ पंत, ईशान किशन, सरफराज जैसे खिलाड़ि‍यों की प्रतिभा को तराशने का काम द्रविड़ ने बखूबी किया है.
  • ऋषभ पंत का चयन हाल ही में इंग्‍लैंड के खिलाफ भारत की टी20 टीम में किया गया है. भारत ‘ए’ की टीम के भी द्रविड़ कोच रहे हैं. उम्‍मीद की जानी चाहिए कि ‘द्रविड़ सर’ अपनी कोचिंग से टीम इंडिया के लिए नई बल्‍लेबाजी प्रतिभाएं सामने लाने का काम आगे भी करते रहेंगे.
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