February 27, 2017 12:13 PM
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बनना है अटलजी जैसा प्रधानमंत्री तो, करें इस शिवलिंग की पूजा

25 दिसम्बर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन होता है. अगर आपका भी सपना है की आप अटलजी के जैसे प्रधानमंत्री बने तो हम आपको एक मंदिर के बारे में बताते है. इसके पीछे की कहानी बहुत ही रोचक है.

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यहां हैं वो मंदिर

जिस शिव मंदिर की हम बात कर रहे हैं वो अटलजी के गांव बटेश्वर में हैं. यमुना नदी के किनारे बसे इस गांव में आज भी अटलजी के मित्र और परिवार के सदस्य रहते हैं।  यहां यमुना किनारे 101 शिव मंदिर हैं। उन्हीं में से एक है मोटेश्वर महादेव मंदिर। गांव के लोग और अटलजी के परिजनों के अनुसार, अटलजी मोटेश्वर महादेव के कारण ही देश के प्रधानमंत्री बने।

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क्या कहते हैं गांव के लोग और परिजन

बटेश्वर गांव के लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने से पहले अटलजी पारिवारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने इस गाव में आया करते थे.  एक दिन अटलजी गांव आ गए और यमुना में नहाने के बाद मंदिरों के दर्शन को चले गए। जब वह मोटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे तो उन्हें लोगों ने बताया गया कि जो भी व्यक्ति इन महादेव को अपनी बांहों में भर लेता है और उसकी सभी मनोकामना पूरी होती है।

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सुनी लोगों की बात

अटलजी सभी की बातें सुन रहे थे, इतने में ही गांव के एक बुजुर्ग ने उनसे कहा- लला तुम भी अपने लिए कुछ मांग लो। पहले तो अटलजी कुछ सकुचाए, फिर मंदिर में जाकर शिवलिंग के सामने खड़े हो गए। कुछ पल बाद जमीन पर बैठ गए और शिवलिंग को अपनी बांहों में भर लिया। फिर कहा- मुझे देश का प्रधानमंत्री बनना है। समय के साथ उनकी ये मनोकामना पूरी हो गई।

 कैसा है शिवलिंग

शिवलिंग की ऊंचाई करीब एक मीटर से ज्यादा है। गोलाई का व्यास 7 फीट है। 1962 में आई भयंकर बाढ़ में मंदिर बह गया था। केवल शिवलिंग ही बचा था। उसके बाद से अस्थाई ढांचा बना दिया गया। बताया जाता है कि मंदिर आने वाले लोग शिवलिंग को अपनी बांहों में लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाते।

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