January 20, 2017 2:53 AM

न्यू इयर में लेना चाहते हैं ट्रेकिंग एंज्व्याय तो यह रहेगी आपके लिए सही जगह

हिन्द न्यूज़ डेस्क : हमारे देश में कई ऐसी जगह जहां आप न्यू इयर सेलीब्रेट कर सकते हैं और यही नहीं आपको इसके लिए कहीं और बाहर जाने की जरूरत तक नहीं पड़ेगी.अगर आप न्यू इयर का एंज्व्याय ट्रेकिंग करके करना चाहते हैं तो आपको लेकर चलेंगे एक ऐसी जगह जहां सिर्फ नेचर और आप होंगे.

चलते हैं फिर उत्तराखंड जहां चोपटा नाम की एक जगह है. वहां से फेमस चंद्रशिला ट्रैक शुरू होता है. 2680 मीटर ऊंचाई पर स्थित चोपटा से शुरू इस ट्रैक पर खूबसूरत पाइन और देवदार के जंगल हैं. चोपटा को अपनी नेचुरल ब्यूटी की वजह से इंडिया का मिनी स्विट्जरलैंड कहते हैं.विंटर्स में चोपटा पूरी तरह स्नो से ढक जाता है.चंद्रशिला के टॉप पर पहुंचकर हिमालय के नंदा देवी, त्रिशूल और केदार डोम का खूबसूरत नजारा दिखता है.ये ट्रैक इजी होने की वजह से काफी फेमस है, यहां तक कि इसे 7 साल से बड़े बच्चे भी ट्रैक कर सकते हैं.

download-1

कैसा होगा ट्रैकिंग रुटीन

चोपटा जो मिनि स्विटजरलैंड के नाम से जाना जाता है, उत्तराखंड में 2600 मीटर की ऊंचाई पर एक खूबसूरत हिल स्टेशन है. चोपटा से तुंगनाथ के लिए शॉर्ट ट्रेक है. तुंगनाथ दुनिया का सबसे ज्यादा ऊंचाई (3600 मीटर) पर बना शिव मंदिर है. ये पंच केदार में से एक है जो चंद्रशिला पीक पर बना है. कहा जाता है कि ये मंदिर 1000 साल पुराना है और इससे रिलेटेड कुछ किस्से महाभारत में भी बताए गए हैं. तुंगनाथ से 1 घंटे की दूरी पर चंद्रशिला पीक (4130 मीटर) है जहां से हिमालय रेंज और पीक का ब्रेथटेकिंग व्यू दिखता है. चोपटा से ट्रेक करते हुए घने जंगलों में आपको बर्ड्स की 76 से भी ज्यादा अलग स्पीशीज देखने मिलेंगी.इस ट्रैक पर आसपास की और भी पीक का मजा लें जिसमें चौखंबा, नंदा देवी, त्रिशूल, केदार और भी कई पीक शामिल हैं.आपको ट्रेक पर गोल्डन ब्रेस्टेड ईगल भी दिखेंगे जो हिमायल में ही पाए जाते हैं. चोपटा से तुंगनाथ एक तरफ 1 से 1.30 घंटे की ट्रेक है. तुंगनाथ से चोपटा शाम तक वापस आ सकते हैं.

ये ट्रैक अच्छे से कर पाएं इसके लिए खुद को तैयार कर लें. 35 साल से कम वाले लोग एक सप्ताह में कम से कम 4 बार 30 मिनट की जॉगिंग करें.और 35 से ऊपर वालों के लिए 20 से 25 मिनट की जॉगिंग काफी है.अगर ठंड में ट्रैकिंग प्लान कर रहे हों तो कान और नाक को गरम रखने के लिए कपड़े रखना न भूलें.दिसंबर से मार्च तक इस ट्रैक में स्नो पर चलना होता है जो ट्रिकी होता है. इसे चढ़ने में गाइड आपकी मदद करते हैं.

एयरोप्लेन के जरिये

यहां आने के लिए पहले ऋषिकेश आएं. ऋषिकेश के लिए नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून है. देहरादून के लिए सभी बड़ी सिटीज से फ्लाइट्स मिलती हैं. यहां से चोपटा टैक्सी या बस से जा सकते हैं.

ट्रेन के जरिये

चोपटा से नजदीकी स्टेशन ऋषिकेश (209 किमी) है. यहां लगभग सभी सिटीज से ट्रेन्स आती हैं. दिल्ली, देहरादून, कोलकाता, मुंबई, जयपुर, पटना, अहमदाबाद, गया, वाराणसी, पुरी, कोची और भुवनेश्वर से डायरेक्ट ट्रेन चलती हैं. यहां से ऊखीमठ और चोपटा के लिए टैक्सी, बस मिलती हैं.

क्लिक कर यहां  भी जा सकते हैं 

06_12_2016-06tashidoon

इसे भी देखें-भव्यता का सिंबल है यह शहर कभी गए हैं क्या यहां 

कैसे जाएंगे आप वहां

दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड से ऋषिकेश के लिए बसेस चलती हैं.यहां से NH58 पर रूद्रप्रयाग वाली रोड पर जाने से ऊखीमठ पड़ेगा. ऊखीमठ से चोपटा 40 किमी है. बस या टैक्सी लें.

गरम कपड़े, वाटरप्रूफ जैकेट, थर्मल, कैप, मोजे, ग्लव्स और मफलर

ट्रैक सूट या कंफर्टेबल ट्राउजर, टी-शर्ट

साथ में क्या लेकर आना है

रेनकोट

वॉकिंग स्टिक या ट्रैकिंग पोल

ट्रैकिंग शूज

वॉटर बॉटल

सनस्क्रीन लोशन, बेसिक दवाईयां

टॉर्चलाइट या फ्लैशलाइट

बेस्ट टाइम : सितम्बर से नवंबर तक, अगर स्नो में एन्जॉए करना चाहें तो जनवरी से मार्च तक जाएं।

मोबाइलऔर ATM

चोपटा में मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं मिल पाती है. ATM सरी में ही मिलेंगे.सरी में एयरटेल, वोडाफोन और ‌BSNL का नेटवर्क मिलता है.

 

Leave a Reply