May 25, 2017 3:16 AM
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नहीं करना होगा अब इंतजार, 17 की उम्र ही जुड़ेगा मतदाता लिस्ट में नाम

हिन्द न्यूज़ डेस्क : जब मतदान होने वाले होते हैं तब हर किशोर बस यही सोचता हैं कि ऐसा कब होगा जब वह मतदान कर सकेंगे. यही नहीं दूसरों को देखकर ही खुद की कल्पना करने लगते हैं. लेकिन अब किशोरों को 18 साल होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बताते चलें कि निर्वाचन आयोग ने किशोरों का नाम मतदाता  लिस्ट में लाने के लिए निर्देश दे दिये हैं.

जिन युवाओं की उम्र 17 वर्ष की हो गई है, एक साल पहले ही एडवांस में इनके नाम मतदाता सूची में शामिल करने भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है. ऐसे में जिला प्रशासन अब नए सिरे से ऐसे युवाओं की जानकारी जुटाएगा.

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18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवक-युवतियों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाते थे. नाम जुड़वाने के दौरान आयु संबंधी प्रमाण पत्र भी पेश करना होता है. आयोग ने इसमें बदलाव कर दिया है. जिनकी उम्र 17 वर्ष की हो चुकी है और जो एक जनवरी 2018 को आयोग की शर्तों के अनुसार 18 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर मतदाता बनने की पात्रता रखते हों ऐसे युवाओं के नाम एक साल पहले ही मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे. ये सूची मूल मतदाता सूची से अलग रखी जाएगी.

तय तिथि में इस सूची को मूल वोटर लिस्ट के साथ शामिल कर लिया जाएगा. वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान इनको वोट डालने का अधिकार मिल जाएगा. विधानसभा या फिर लोकसभा चुनाव के पूर्व मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया जाता है.

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चुनावी वर्ष में इस तरह के कार्यों में गड़बड़ी की आशंका भी बनी रहती है. जल्दबाजी के चलते फर्जी तरीके से नाम भी शामिल करा दिया जाता है.आयोग का मानना है कि समय पूर्व नए मतदाताओं के नाम को शामिल कर लेने से फर्जी वोटिंग की संभावनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.साथ ही नए वोटरों को मतदान से वंचित भी नहीं होना पड़ेगा.

12 से 15 हजार युवाओं के नाम होंगे शामिल

आयोग के नए निर्देशों के तहत शहर विधानसभा क्षेत्र के तकरीबन 12 से 15 हजार युवाओं के नाम मतदाता सूची में एडवांस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. इसके लिए जल्द ही डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा.

ये होंगे फायदे

मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत मतदान केंद्रों में बार-बार बीएलओ को कैंप नहीं करना पड़ेगा.

शिविर के दौरान फर्जी तरीके से नाम शामिल कराने की संभावना भी समाप्त हो जाएगी.

नए मतदाताओं को भी नाम जोड़वाने के लिए बार-बार मतदान केंद्रों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा.

 

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