February 24, 2017 11:48 AM
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खूबसूरती बढ़ाने में काम आता है सांप का जहर

हिन्द न्यूज़ डेस्क .(vandana pandey) सांप का नाम आते ही हम लोग डर जाते हैं. और डरें भी क्यों न बात ही कुछ ऐसी होती है. कहीं अगर काट ले तो सीधे ही ऊपर का रास्ता दिखा देते हैं यह विषैले सांप. पर क्या आप जानते हैं कि यही भक्षक सांप आपके जीवन की रक्षा भी करते हैं. यही नहीं इनका जहर कई सारी बड़ी बीमारियों में भी काम आता है.

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बताते चले कि दुनिया में सांपों की लगभग तीन हजार प्रजातियां पायी जाती हैं. इनमें से दो हजार चार सौ प्रजातियों का स्टडी के जरिये पता चला है कि इनकी मात्र दो सौ प्रजातियां ही ऐसी हैं जो विषैली हैं. विषैले सांपों में ऑस्ट्रेलिया का टाइगर स्नेक सर्वाधिक विषैला सर्प माना जाता है. यही नहीं हमारे भारत में लगभग दो सौ पचास प्रजातियों के सर्प पाये जाते हैं. इनमें से 54 प्रजातियों के सांपों में ही जहर पाया जाता है.

लेकिन आप यह जानकार शॉक हो जाएंगे कि सांप का जहर आपकी सुंदरता में भी निखार लाता है. अब आप यह सोच रहे होंगे कि भला ऐसा कैसे हो सकता है. तो जनाब यह हम नहीं इसे यूज करने वाली महिलाओं का कहना है. और यह महिलाएं कोई और नहीं जानी-मानी सेलिब्रिटी हैं.  जी हां हॉलीवुड की ऑस्कर विनर एक्ट्रेस ग्वेनेथ पाल्ट्रो, काइरा, जेसिका सिंपसन, किम कार्दशियन, लेडी गागा जैसी कई अदाकारा अपनी स्किन को यंग और ब्युटीफूल बनाए रखने के लिए सांप के जहर से बनी क्रीम का यूज करती हैं.

लेकिन आपको यहां सख्त हिदायत है कि बिना किसी कंसल्टेंट के आप सांप से बनी किसी भी क्रीम या दवा का इस्तेमाल न करें. अगर आप बिना किसी के सलाह से ऐसा करते हैं तो आप अपने जीवन से हांथ धो बैठेंगे.

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चलिये अब आपको बताते है कि जब भी आपको कोई विषैला सांप काट लेता है तो इससे कैसे बचा जा सकता है-

दूब पीस करके उसकारस को पिलाने से आधे घंटे बाद आराम मिल जाएगा.

बेहोश आदमी को गोबर में दबाने से होश आ जाता है और जहर उतर जाता है .

अगर आपको यह पता करना है कि आपको सांप ने ही काटा है तो नीम के पत्तों को खाने से कड़वापन का एहसास नहीं होगा.

गाय के दूध में लहसुन के जवां पीसकर पीने से भी लाभ मिलता है.

पहले मरीज को लगभग आधा कप घी

snake-milking खिलाकर उल्टी करवाने की कोशिश करें, अगर उल्टी न हो तो दस-पंद्रह के बाद गुनगुना पानी पिलाकर उल्टी करवायें, इससे विष के निकल जाने या असर के कम होने की संभावना होती है.

तुअर दाल का जड़ पीसकर रोगी को खिलाने से भी इन्फेक्शन या विष का असर कम होता है.

कंटोला दो तरह का होता है, एक में फूल और फल दोनों होता है और दूसरे में सिर्फ फूल आता है उसको ‘बांझ कंटोला’ कहते हैं, उसका कंद घिसकर सर्पदंश वाले जगह पर लगाने से विष का असर या इन्फेक्शन की संभावना कम होती है.

लहसुन तो हर किचन में मिल जाता है,उसको पीसकर पेस्ट बना लें और सर्पदंश वाले जगह पर लगायें या लहसुन के पेस्ट में शहद मिलाकर खिलाने या चटवाने से इन्फेक्शन कम हो जाता है.