February 27, 2017 12:07 PM
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अखिलेश के स्टीव के आगे प्रशांत किशोर की दबंगई धरी रह जाएगी!

हिन्द न्यूज डेस्क (CHAYANIKA NIGAM)| उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनावों के महासंग्राम में विजयी योधा बनने को कमर कस चुके हैं. उनके इस आत्मविश्वास की कई वजहों में से एक हैं स्टीव जोर्डिंग. हार्वर्ड के प्रोफेसर प्रो. स्‍टीव जोर्डिंग काफी मशहूर पॉलिटिकल स्ट्रैटजिस्ट हैं और समाजवादी पार्टी की चुनावी स्ट्रैटजी का निर्धारण कर रहे हैं. स्टीव का 30 साल से भी ज्यादा का अनुभव कहता है कि उन में इतना दम है कि वो कांग्रेस के प्रशांत किशोर और बीजेपी के रजत सेठी से ज्यादा प्रभावशाली रहेंगे. कह सकते हैं उन पर भारी पड़ेंगे. अखिलेश की अचानक से बढ़ीं पॉपुलैरिटी और बेहतरीन छवि इसका सबूत है.

अखिलेश

दरअसल स्टीव साल 1980 से राजनितिक रणनीतिकार के तौर पर काम कर रहे हैं. वो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 1980 से पब्लिक पॉलिसी पढ़ा रहे हैं. उन्‍होंने यूएस डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंशियल हिलेरी क्लिंटन का भी चुनाव मैनेज किया था- इसके अलावा यूएस के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट अल गोर और स्पेनिश पीएम मारियानो रेजोय भी उनके क्लाइंट हैं. स्टीव एशिया, अफ्रीका, साउथ अफ्रीका और यूरोप के 15 देशों में सेवाएं देते हैं. समाजवादी पैंशन योजना की ब्रांड एम्बेसडर विद्या बालन को बनाना भी जोर्डिंग के ही दिमाग की उपज थी.

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अपने इस अनुभव के आधार पर सिर्फ पिछले कुछ महीनों के एसोसिएशन के बाद ही अखिलेश की छवि को उन्होंने बहुत बड़े स्तर पर सुधार दिया है. अखिलेश को सितम्बर में स्टीव का साथ मिला था. इस साथ की बदौलत सोशल मीडिया पर उनकी पॉपुलैरिटी तो इतनी हो गई है कि कहने की क्या. हर ओर उनके प्रशंसक हैं. ढेर सारे फैन क्लब बन रहे हैं. कहना गलत नहीं होगा कि सोशल मीडिया में अखिलेश मोदी वाले स्तर पर पहुंच चुके हैं.

बात अखिलेश की बढ़ी पॉपुलैरिटी पर ही करें तो पिता मुलायम सिंह यादव से उनके झगड़े में भी बड़ा तबका अखिलेश के साथ ही खड़ा था. आज भी खड़ा है. कहा यह भी जा रहा है कि आने वाला समय अखिलेश का ही है. वो इस वक्त सबके पसंदीदा मुख्यमंत्री बन चुके हैं.

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वहीँ दूसरी पार्टियों के रणनीतिकारों की बात करें तो प्रशांत किशोर 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को और फिर बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को अपने रणनीति का जलवा दिखा चुकें हैं और अब यूपी चुनाव में कांग्रेस की नैया पार कराने में जुट गए हैं. वहीं बीजेपी की रणनीतिकार रजत सेठी हैं जिनकी बनाई योजना पर चलकर बीजेपी ने असम में जीत दर्ज की थी.